
राजकुमार केसरवानी
*बारा, कौशाम्बी।*
कौशाम्बेश्वर संकट मोचन आश्रम ट्रस्ट परिसर में चल रहे वार्षिकोत्सव का समापन बुधवार को श्रद्धा, भक्ति और सेवा के दिव्य संगम के साथ हुआ। विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया, जिससे पूरे आश्रम परिसर में एक तीर्थ जैसा वातावरण बन गया।
सप्ताहभर चले इस आध्यात्मिक महोत्सव में श्रीमद्भागवत कथा, पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं रुद्राभिषेक, सामूहिक हवन, सत्संग, भजन कीर्तन व विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जनपद ही नहीं, आसपास के जिलों से भी श्रद्धालुओं ने भारी संख्या में पहुंचकर आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।समापन के दिन सुबह से ही आश्रम परिसर में भक्तों का आना शुरू हो गया था। रुद्राभिषेक और आरती के बाद विशाल भंडारे का शुभारंभ हुआ। आश्रम परिवार, सेवकों और युवाओं ने सेवा-भाव से भरे मन से श्रद्धालुओं की अगवानी की और प्रसाद वितरण में पूरी व्यवस्था संभाली।
इस पावन अवसर पर अनेक संत, साधु, कथा वाचक, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने आश्रम की अध्यात्मिक गरिमा की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को समाज की नैतिक ऊर्जा का स्त्रोत बताया।
आश्रम के संस्थापक बुद्धदास और आयोजक मंडल की ओर से आए समस्त श्रद्धालुओं, सहयोगियों व कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि जनकल्याण, भक्ति और समरसता का जीवंत उदाहरण है, जिसे हर वर्ष और अधिक व्यापकता से मनाया जाएगा।


