
राजकुमार केसरवानी
हल्द्वानी
उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में दिनांक 17 अप्रैल 2026 को आदर्श अध्ययन केंद्र हल्द्वानी (16000) द्वारा नवप्रवेशित शिक्षार्थियों के लिए दीक्षारम्भ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रातः 11:00 बजे विश्वविद्यालय परिसर में उत्साह एवं अकादमिक वातावरण के साथ प्रारंभ हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत भाषण के साथ हुआ, जिसमें आदर्श अध्ययन केन्द्र के समन्वयक डॉ. विशाल शर्मा ने शिक्षार्थियों को विश्वविद्यालय की महत्ता एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में इसकी भूमिका से अवगत कराया। इसके पश्चात कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी सहित वरिष्ठ प्राध्यापकों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया गया तथा कुलगीत के माध्यम से एकता एवं उद्देश्य की भावना को प्रकट किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवप्रवेशित छात्रों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, नीतियों, सुविधाओं एवं ऑनलाइन डिस्टेंस लर्निंग (ODL) प्रणाली से परिचित कराना था। विभिन्न वक्ताओं ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, पाठ्यक्रम, परीक्षा प्रणाली, अध्ययन सामग्री वितरण (MPDD), कार्यशालाओं तथा कौशल विकास कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर प्रो. पी.डी. पंत ने विश्वविद्यालय की अकादमिक गतिविधियों एवं अध्ययन सामग्री प्रणाली पर प्रकाश डाला, वहीं प्रो. रेनू प्रकाश ने ODL प्रणाली की विशेषताओं को विस्तार से समझाया। प्रो. गिरिजा पांडे ने प्रवेश प्रक्रिया एवं अध्ययन केंद्रों की जानकारी दी तथा डॉ. सुमित प्रसाद ने परीक्षा प्रणाली को सरल भाषा में स्पष्ट किया। जबकि प्रो. जितेन्द्र पांडे ने कौशल विकास एवं MOOCs के महत्व को रेखांकित किया।डॉ. राजेश मठपाल ने प्रायोगिक एवं कार्यशाला आधारित शिक्षण के महत्व पर जोर दिया,
कार्यक्रम के समापन सत्र में कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने छात्रों को प्रेरित करते हुए विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, छात्रवृत्ति योजनाओं, डिजीलॉकर एवं “हेलो हल्द्वानी FM” जैसे डिजिटल प्लेटफार्मों के उपयोग पर बल दिया। उन्होंने छात्रों को स्व-अध्ययन सामग्री (SLM) के साथ अन्य संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
माननीय कुलपति जी ने बताया कि इंडक्शन के साथ-साथ काउंसलिंग सत्र भी आयोजित किए जाते है जिनमें छात्रों को समय प्रबंधन, तनाव प्रबंधन एवं करियर मार्गदर्शन से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव दिए जाते हैं।
कार्यक्रम का समापन डॉ. विनय सिंह रावत द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में लगभग 110 से अधिक प्रतिभागियों ने ऑफलाइन उपस्थिति दर्ज की। साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में पुस्तक मेले का भी आयोजन किया गया, जिसने कार्यक्रम को और अधिक आकर्षक बना दिया।
समग्र रूप से यह इंडक्शन एवं काउंसलिंग कार्यक्रम शिक्षार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ, जिसने उन्हें अपने शैक्षणिक जीवन की सफल शुरुआत के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन डा मनीषा पंत ने किया। इस अवसर पर प्रो गगन सिंह, प्रोफेसर आशुतोष भट्ट, डॉ प्रदीप पंत, डॉ प्रियंका शर्मा, डॉ मनोज पांडे, डॉ गोपाल दत्त, कमला राठौर,डॉ मीनाक्षी राणा, डॉ दीपा बिष्ट, दीपिका रैकवाल आदि उपस्थित रहे|


